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पदाधिकारियों को निर्विरोध निर्वाचित होने पर मंडल रेल कर्मचारियों में खुशी की लहर

निर्विरोध निर्वाचित पदाधिकारीगण

डीडीयू नगर। ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन हाजीपुर का द्वितीय त्रैवार्षिक अधिवेशन पटना में एआईआरएफ के महामंत्री कॉमरेड शिव गोपाल मिश्रा के देखरेख में संपन्न हुआ जिसमें ईसीआरकेयू केंद्रीय समिति के सभी पदाधिकारी निर्विरोध निर्वाचित हुए। जिसकी घोषणा ए आई आर एफ के महामंत्री द्वारा किया गया।

जिसमें मुख्य रुप से केंद्रीय अध्यक्ष डी के पांडेय, केंद्रीय महामंत्री, एस एन पी श्रीवास्तव, कार्यकारी अध्यक्ष, मिथिलेश कुमार, एस एस डी मिश्रा, केन्द्रीय उपाध्यक्ष केदार प्रसाद, बिंदु कुमार, वीरेंद्र प्रसाद यादव, संजय कुमार मंडल, आर के मंडल, केन्द्रीय अपर महामंत्री, मोहम्मद जियाउद्दीन, केन्द्रीय सहायक महामंत्री, रमेश चन्द्रा, ओमप्रकाश, मनीष कुमार, के.के मिश्रा, केंद्रीय संगठन, बी बी पासवान, वी डी सिंह, पी के मिश्रा, मनोज कुमार पांडेय, मृदुला कुमारी, एस के भारद्वाज, चंद्रशेखर सिंह एवं केंद्रीय कोषाध्यक्ष पद पर ओपी शर्मा निर्वाचित हुए। डीडीयू मंडल से चार केंद्रीय पदाधिकारी के रूप में मिथिलेश कुमार, केदार प्रसाद, रमेश चंद्रा एवं बी बी पासवान को निर्विरोध निर्वाचित होने पर मंडल कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। गुरुवार कोे चारों नव निर्वाचित पदाधिकारियों को मंडल आगमण पर मंडल कर्मचारियों द्वारा गाजे-बाजे एवं फूल मालाओं से स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इसी क्रम में प्लान्ट डिपो कर्मचारियों एवं ईसीआरकेयू पीडी शाखा के सभी पदाधिकारियों द्वारा प्लान्ट डिपो इंजीनियरिंग कारखाना के मुख्य गेट पर बी बी पासवान को केंद्रीय संगठन मंत्री के रूप में दुबारा निर्वाचित होने पर ढोल नगाड़ों एवं फूल मालाओं से स्वागत किया गया। इस अवसर पर बी बी पासवान केंद्रीय संगठन मंत्री ने दुबारा केंद्रीय कमेटी में निर्वाचित होने पर सभी रेल कर्मचारियों का आभार प्रकट किया एवं रेल कर्मचारियों के विश्वास पर खरा उतरने की आश्वासन दी एवं विश्वास जताया कि नई केंद्रीय कमेटी से ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन और मजबूत होकर उभरेगा। आगे उन्होंने भारत सरकार को कोसते हुए कहा कि कोरोना के समय ही सरकार द्वारा श्रमिक विरोधी काम किया गया यहां तक कि श्रम कानूनों में बदलाव कर उसे औद्योगिक घरानों के मनमाफिक बनाने का काम किया गया। इसमें मजदूरों के हितों को पूरी तरह अनदेखी की गई द्य हास्यास्पद तो यह कि इस बदलाव में यूनियन की मान्यता के लिए 51 प्रतिशत वोट की अनिवार्यता की गई जबकि देश में 26 प्रतिशत वोट पाकर लोग सांसद और विधायक बन जाते हैं और 32 प्रतिशत वोट पर सरकार बन जाती है। आगे उन्होंने कहा कि सरकार एकतरफा आदेश जारी कर डीए फ्रीज कर दिया है। बारी बोनस की आई तो फिर हीला हवाली शुरू हो गई लेकिन 20 अक्टूबर के प्रदर्शन को आप सब ने इतना इतिहासिक बना दिया कि सरकार को झुकना पड़ा और बोनस का भुगतान किया गया। आगे इन्होंने रेल कर्मचारियों को आगाह करते हुए कहा कि आने वाला वक्त चुनौतीपूर्ण है सरकार निजीकरण और निगमीकरण पर तेजी से आगे बढ़ना चाहती है। अगर रेल को बचाना है तो हम सबको मिलकर संघर्ष करना होगा। इस अवसर पर मुख्य रूप से एस पी सिंह, सुल्तान अहमद, ए के उपाध्याय, रामजी यादव, केदारनाथ तिवारी ,मोहन राम, दिनेश कुमार सिंह, बीबी सिंह, बृजमोहन, संजय कुमार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, विजय बहादुर प्रसाद सिंह, राकेश कुमार सिंह, ऋषिकेश यादव, संजय कुमार शर्मा, महेश कुमार, जीत बहादुर थपा, करमजीत, अमित अंथोनी मुर्मू, असलम आरजू, मुकेश पासवान आदि उपस्थित रहे।

ब्यूरो रिपोर्ट-फ़ैयाज़ अंसारी,चंदौली


2020-11-12 07:47 pm

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